Income Tax Refund : क्या 31 दिसंबर के बाद ITR रिवीजन कर सकते हैं? जानिए आयकर विभाग के नियम

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Income Tax Refund 2026 : अगर आपका भी ITR रिफंड अभी तक नहीं आया है, तो एक बार चेक कर लें। अगर आपने ITR भरते हुए कोई गलती की होगी, तो आप उसे सुधार सकते हैं। Learn about the rules of the medical department.

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Income Tax Refund 2026 – 2027

Income Tax Refund: साल 2026 खत्म होने को है, ऐसे में अभी भी काफी लोगों को उनका रिफंड नहीं मिला है। आयकर विभाग झूठी और फर्जी रसीद से ITR फाइल करने वाले करदाताओं को अलर्ट का मैसेज भी रही है और उन्हें एक अपना रिटर्न सुधार करने की मौका दे रही है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या 31 दिसंबर के बाद भी ITR को रिवीजन किया जा सकता है। आइए जानते हैं आयकर विभाग के नियम और विशेषज्ञों की राय

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क्या 31 दिसंबर के बाद भी ITR में हो सकता है सुधार? Income Tax Refund 2026 – 2027

करदाता कई बार दूसरों की बातों में आकर फर्जी ITR फाइल कर देते हैं, तो वहीं कुछ करदाता ITR भरते वक्त कुछ गलती कर देते हैं। दोनों ही मामलों में करदाता का रिफंड फंस जाता है। ऐसे में अब सवाल है कि क्या ITR में सुधार किया जा सकता है?

आयकर अधिनियम की धारा 139(5) के तहत संशोधित या विलंबित आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने का अवसर देता है। यदि करदाता अपने रिटर्न में कोई गलती कर देते हैं, तो वे इसे सुधार सकते हैं। हालांकि ये सिर्फ 31 दिसंबर तक ही किया जा सकता है। उसके बाद रिटर्न में किसी भी तरह का संशोधन नहीं हो सकता है। इसलिए सभी करदाता वक्त रहते ITR में सुधार कर लें।

ITR सुधार पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ? Income Tax Refund 2026 – 2026

ITR में सुधार को लेकर डेलॉयट इंडिया के पार्टनर सुधाकर सेथुरमन ने कहा कि 31 दिसंबर के बाद संशोधित या देर से रिटर्न दाखिल करने की अनुमति नहीं है। Income Tax Refund 2026 – 2026

वहीं मिहिर तन्ना (एसके पटोडिया एंड एसोसिएट LLP) ने बताया कि तकनीकी रूप से 31 दिसंबर के बाद संशोधन संभव नहीं है। हालांकि, करदाता अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, बशर्ते माफी का आवेदन स्वीकार हो। हालांकि अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने से पहले करदाता को अघोषित आय पर अतिरिक्त टैक्स और ब्याज देना होगा।

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ITR Processing Deadline: ITR रिफंड में हो रही है देरी? अगर CPC चूका डेडलाइन, तो ब्याज समेत मिलेगा पैसा

ITR Processing Deadline: अगर इनकम टैक्स विभाग एक निश्चित सीमा के भीतर आपका रिटर्न प्रोसेस नहीं करता है, तो कानूनी रूप से आप रिफंड का दावा कर सकते हैं। 

ITR Processing Deadline: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद टैक्सपेयर्स को रिटर्न प्रोसेस होने और रिफंड का सबसे ज्यादा इंतजार रहता है। इसी क्रम में साल 2026 में टैक्स भरने वालों के लिए एक बेहद जरूरी डेडलाइन है। नियम के मुताबिक, अगर आपने अपना रिटर्न समय पर या विलंबित (Belated) डेडलाइन यानी 31 दिसंबर 2026 तक भर दिया है और विभाग एक निश्चित अवधि के भीतर इसे प्रोसेस नहीं करता है, तो वह कानूनी रूप से उस रिटर्न पर अपना अधिकार खो सकता है।

रिटर्न प्रोसेस करने के लिए CPI के पास कितना होता है समय?

दरअसल, इनकम टैक्स विभाग के सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) के पास आपके रिटर्न को प्रोसेस करने के लिए एक सीमित समय होता है। तकनीकी रूप से, जिस वित्तीय वर्ष में आपने अपना रिटर्न दाखिल किया है, उसके खत्म होने के 9 महीने के भीतर विभाग को अपनी कार्यवाही पूरी करनी होती है। उदाहरण के लिए: अगर आपने 16 सितंबर 2026 को अपना रिटर्न भरा है, तो वित्त वर्ष 2026-26 के अंत (31 मार्च 2026) से अगले 9 महीने गिनने पर 31 दिसंबर 2026 की तारीख निकलकर आती है। इस तारीख के बाद विभाग के पास उस विशेष रिटर्न को प्रोसेस करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं रह जाता।

प्रोसेस नहीं होने पर क्या होगा? Income Tax Refund 2026 – 2026

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटर्न दाखिल करना प्रक्रिया का केवल आधा हिस्सा है। इसके बाद विभाग सेक्शन 143(1) के तहत रिटर्न की जांच करता है। इसमें क्लेम वेरिफिकेशन और ऑडिट रिपोर्ट के साथ रिटर्न की जांच की जाती है। इस प्रक्रिया से हर रिटर्न को गुजरना पड़ता है। यदि CPC इस तय डेडलाइन के भीतर ‘इन्टीमेशन’ या सूचना जारी नहीं करता, तो यह माना जाता है कि विभाग ने उस वित्त वर्ष के लिए अपना अधिकार गवां दिया है। आप रिफंड का दावा कर सकते हैं।

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25 सालों में चांदी ने तय किया ₹7,900 से ₹2.16 लाख का सफर, उथल-पुथल के बीच चमक रखी बरकरार

silver investment performance: जब-जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आया, तब-तब चांदी ने निवेशकों का साथ दिया है। इसने 25 सालों में 26 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की है। 

Silver Price Record High 2026: आज से 25 साल पहले यानी 2000 में सुरक्षित निवेश का मतलब केवल बैंक एफडी या सोना खरीदना होता था। उस दौर में चांदी को केवल इंडस्ट्रीयल मेटल माना जाता था। इसे लोग वेल्थ क्रिएशन का जरिए नहीं मानते थे, लेकिन 25 साल बाद स्थिति एकदम उलट हो गई है। साल 2026 में चांदी ने सबको चौंका दिया है। यह निवेशकों को 130 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दे चुकी है, जो सोना और शेयर बाजार से बहुत अधिक है।

25 साल में चांदी ने दिया 26 गुना रिटर्न Income Tax Refund 2026 – 2026

अगर किसी निवेशक ने साल 2000 में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट की सोच से चांदी में केवल 1,000 रुपये भी लगाए होते, तो आज उस निवेश की वैल्यू बढ़कर 26,455 रुपये हो गई होती। यानी पिछले ढाई दशकों में आपकी कैपिटल 26 गुना से भी ज्यादा बढ़ चुकी होती। डेटा के मुताबिक, साल 2000 में भारत में चांदी की औसत कीमत करीब 7,900 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं, आज यही चांदी 2.16 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो चुकी है। यह 2,600% से अधिक का शानदार रिटर्न है, जो यह साबित करता है कि लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट में मुनाफा होता है।

उथल-पुथल में चांदी ने पोर्टफोलियो को किया स्टैबल : Income Tax Refund 2026 – 2026

पिछले 4 दशक का इतिहास देखें, तो जब-जब शेयर बाजार में गिरावट आई या महंगाई बढ़ी, चांदी ने एक भरोसेमंद हेज के रूप में काम किया। निवेशक अक्सर गोल्ड को संकट का रक्षक मानते हैं, लेकिन चांदी ने भी मुश्किल समय में पोर्टफोलियो को स्टैबल किया है। 2000 के दशक में आई डॉट-कॉम गिरावट हो, 2008 में ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस, कोरोना महामारी की अनिश्चितता या हालिया जियो-पॉलिटिकल टेंशन हो, चांदी ने हर दौर में अपनी चमक बरकरार रखी है। : Income Tax Refund 2026 – 2026

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आज चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड : Income Tax Refund 2026 – 2026

बता दें कि आज यानी 23 दिसंबर को चांदी ने अपना नया ऑलटाइम हाई बनाया। यह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 1.7% की बढ़ोतरी के साथ 2,16,596 रुपये प्रति किलो के लेवल पर पहुंच गई। वहीं, ग्लोबल मार्केट में स्पॉट सिल्वर पहली बार 70 डॉलर प्रति औंस के ऑलटाइम हाई पर पहुंची। आज की तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। दरअसल, अमेरिका ने वेनेजुएला पर दबाव बढ़ा दिया है और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी ने भी कीमतों को सपोर्ट किया। मालूम हो कि चांदी ने 2026 में 140% का रिटर्न दिया है, जबकि सोना ने 76% का मुनाफा दिया है। : Income Tax Refund 2026 – 2026

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