Indian Festivals Calendar : भारतीय त्यौहार कैलेंडर 2026

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Indian Festivals Calendar : भारतीय त्यौहार कैलेंडर 2026, नमस्ते और स्वागत है, भारत की समृद्ध और चमत्कारिक सांस्कृतिक यात्रा पर! भारत को अक्सर “त्योहारों की भूमि” कहा जाता है, और यह उपनाम बिल्कुल सटीक है। यहाँ हर दिन एक उत्सव, हर रात एक पूजा, और हर मौसम एक नए रंग, रिवाज और उल्लास से भरा होता है। भारतीय कैलेंडर सिर्फ तारीखों का सूचक नहीं है; यह एक जीवंत, सांस लेता हुआ टेपेस्ट्री है जो पौराणिक कथाओं, खगोल विज्ञान, मौसमी बदलाव और गहरी आध्यात्मिक भावनाओं से बुना गया है।

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Indian Festivals Calendar : भारतीय त्यौहार कैलेंडर 2026

2026 का वर्ष (विक्रम संवत 2082-2083) भी कोई अपवाद नहीं है। यह वर्ष अपने साथ धार्मिक उत्साह, सांस्कृतिक प्रदर्शन और सामुदायिक सद्भाव की एक श्रृंखला लेकर आया है। चाहे आप एक आध्यात्मिक साधक हों, एक सांस्कृतिक अन्वेषक, या simply एक यात्री जो भारत की आत्मा को समझना चाहते हों, यह मार्गदर्शिका आपको 2026 के भारतीय त्योहार कैलेंडर की पूरी यात्रा पर ले जाएगी।

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भारतीय कैलेंडर को समझना: सूर्य, चंद्रमा और तारे

भारतीय त्योहार मुख्य रूप से दो कैलेंडरों पर आधारित होते हैं:

  1. चंद्र कैलेंडर (लुनिसोलर): अधिकांश हिंदू त्योहार चंद्र मास (महीने) के अनुसार मनाए जाते हैं, जो चंद्रमा के चक्रों पर आधारित होते हैं। प्रत्येक महीने की शुरुआत अमावस्या (नया चाँद) से और पूर्णिमा (पूर्णिमा) के साथ मध्य में होती है।
  2. सौर कैलेंडर: कुछ त्योहार, विशेष रूप से दक्षिण भारत में मनाए जाने वाले, सूर्य की स्थिति के अनुसार निर्धारित होते हैं (जैसे संक्रांति, पोंगल)।

इसका मतलब है कि अंग्रेजी (ग्रेगोरियन) कैलेंडर की तुलना में भारतीय त्योहारों की तारीखें हर साल बदलती रहती हैं। त्योहारों की तिथियाँ तिथि (चंद्र दिवस) और नक्षत्र (तारामंडल) की गणना पर निर्भर करती हैं, जिसकी गणना पारंपरिक ज्योतिषियों द्वारा की जाती है।

2026 की महत्वपूर्ण सामान्य जानकारी:

  • हिंदू नव वर्ष: विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग दिन मनाया जाता है। उत्तर भारत में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (23 मार्च 2026), गुजरात में दिवाली के अगले दिन (6 नवंबर 2026), और तमिलनाडु में पोंगल (14 जनवरी 2026) around.
  • सार्वजनिक अवकाश: राष्ट्रीय अवकाश (जैसे गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस) पूरे देश में मनाए जाते हैं। धार्मिक अवकाश (जैसे दिवाली, ईद, क्रिसमस, गुरु नानक जयंती) विभिन्न राज्यों और समुदायों के लिए अलग-अलग होते हैं।

महीने-दर-महीना: 2026 का पूर्ण त्योहार कैलेंडर

आइए अब हम 2026 के महीनों के अनुसार, प्रमुख राष्ट्रीय और क्षेत्रीय त्योहारों की सूची देखें। याद रखें, यह एक व्यापक सूची है; भारत की विविधता में हजारों स्थानीय उत्सव शामिल हैं।

जनवरी 2026: नए साल की शुरुआत उत्सव के साथ

  • 1 जनवरी (गुरुवार) – नव वर्ष दिवस: पूरे देश में अंतर्राष्ट्रीय नव वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है।
  • 7 जनवरी (बुधवार) – ईसाई क्रिसमस (जूलियन कैलेंडर): केरल और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में ईसाई समुदाय द्वारा मनाया जाता है।
  • 11 जनवरी (रविवार) – स्वामी विवेकानंद जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस): महान दार्शनिक और आध्यात्मिक नेता की जयंती।
  • 14 जनवरी (बुधवार) – लोहड़ी (उत्तर भारत): मकर संक्रांति से पहली रात, पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में अलाव जलाकर, नाच-गाकर और मूंगफली-रेवड़ी खाकर मनाया जाने वाला फसल उत्सव।
  • 14 जनवरी (बुधवार) – मकर संक्रांति, पोंगल, उत्तरायण (पूरे भारत में): यह सर्दियों की फसल का महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है।
    • मकर संक्रांति: उत्तर भारत में, लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, तिल और गुड़ के व्यंजन बांटते हैं और पतंगबाजी का आनंद लेते हैं।
    • पोंगल (तमिलनाडु): चार दिनों का त्योहार, जिसमें सूर्य देवता को नई फसल की प्रार्थना करते हुए विशेष चावल की खीर (‘पोंगल’) बनाई जाती है।
    • उत्तरायण (गुजरात): अंतर्राष्ट्रीय पतंगबाजी उत्सव के लिए प्रसिद्ध, आकाश रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है।
  • 17 जनवरी (शनिवार) – गुरु गोबिंद सिंह जयंती: सिखों के दसवें और अंतिम गुरु का प्रकाश पर्व।
  • 26 जनवरी (सोमवार) – गणतंत्र दिवस: भारत का संविधान लागू होने का दिन। नई दिल्ली में राजपथ पर भव्य परेड और सांस्कृतिक झांकियां आयोजित की जाती हैं।

फरवरी 2026: रंग, संगीत और भक्ति का महीना

  • 5 फरवरी (गुरुवार) – वसंत पंचमी / सरस्वती पूजा: विद्या, ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की पूजा का दिन। छात्रों के लिए विशेष महत्व। पीले रंग का प्रभुत्व रहता है।
  • 14 फरवरी (शनिवार) – वैलेंटाइन्स डे: शहरी केंद्रों में युवाओं द्वारा उत्साह से मनाया जाता है।
  • 25 फरवरी (बुधवार) – गुरु रविदास जयंती: संत कवि और भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत गुरु रविदास का जन्मदिन।
  • 26 फरवरी (गुरुवार) – महा शिवरात्रि: भगवान शिव के महान रात्रि के रूप में जाना जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण त्योहार। भक्तगण दिनभर व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं, ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हैं और रात्रि जागरण करते हैं।
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मार्च 2026: वसंत का आगमन और रंगों की बहार

  • 8 मार्च (रविवार) – होली (पूर्णिमा के दिन): रंगों का त्योहार, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पूर्णिमा (फाल्गुन पूर्णिमा) की रात को होलिका दहन होता है, जहां लकड़ियों के ढेर जलाए जाते हैं।
  • 9 मार्च (सोमवार) – धुलेंडी / रंगवाली होली: होली का मुख्य दिन, जब लोग एक-दूसरे पर रंग, गुलाल और पानी फेंकते हैं, मिठाइयाँ बाँटते हैं और आपसी प्रेम का प्रसार करते हैं।
  • 23 मार्च (सोमवार) – चैत्र नवरात्रि शुरू: नवरात्रि के नौ दिनों का पहला दिन। देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है।
  • 25 मार्च (बुधवार) – घोड़े की नाल के आकार का सूर्य ग्रहण (दृश्यमान): भारत में दिखाई देगा। (ध्यान दें: कुछ लोग ग्रहण के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों से बचते हैं)।
  • 29 मार्च (रविवार) – राम नवमी: भगवान विष्णु के सातवें अवतार, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्मदिन। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।
  • 30 मार्च (सोमवार) – महavir जयंती: जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मदिन। जैन समुदाय द्वारा शांतिपूर्ण जुलूस और प्रार्थनाएं आयोजित की जाती हैं।

अप्रैल 2026: नवीनता और आशीर्वाद का समय

  • 1 अप्रैल (बुधवार) – बैसाखी (पंजाब और उत्तर भारत): सिख धर्म का प्रमुख त्योहार। इसी दिन 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह एक फसल उत्सव भी है।
  • **2 अप्रैल (गुरुवार) – चैत्र नवरात्रि समापन / राम नवमी (कुछ कैलेंडरों के अनुसार): तिथियों में क्षेत्रीय भिन्नता हो सकती है।
  • 9 अप्रैल (गुरुवार) – वैशाखी (बंगाल) / बohag Bihu शुरू (असम): बंगाल में नव वर्ष, और असम में बिहू उत्सव की शुरुआत (रोंगाली बिहू या बोहाग बिहू)।
  • 14 अप्रैल (मंगलवार) – अमbedकर जयंती (भीम जयंती): भारतीय संविधान के शिल्पकार और दलितों के मसीहा डॉ. बी.आर. अम्बेडकर का जन्मदिन। राष्ट्रीय अवकाश।
  • 15 अप्रैल (बुधवार) – बैसाखी (कुछ क्षेत्र) / तमिल नव वर्ष (पुथांडु): तमिलनाडु में नए साल का स्वागत।
  • 17 अप्रैल (शुक्रवार) – वishu (केरल): केरल का नव वर्ष, जो फसल उत्सव के रूप में मनाया जाता है। ‘विषुकणि’ दर्शन का विशेष महत्व है।

मई 2026: गर्मी की शुरुआत और आस्था की गहराई

  • 1 मई (शुक्रवार) – महाराष्ट्र दिवस / गुजरात दिवस: इन राज्यों के गठन का स्मरण।
  • **3 मई (रविवार) – पarshuram जयंती: भगवान विष्णु के छठे अवतार ऋषि परशुराम का जन्मदिन।
  • **12 मई (मंगलवार) – वesak / बुद्ध पूर्णिमा: बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र दिन, जो भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण (मोक्ष) का प्रतीक है। बोधगया में विशेष समारोह।
  • 23 मई (शनिवार) – ईद-उल-फितर (अनुमानित): रमजान के पवित्र महीने के अंत का प्रतीक। यह तारीख चंद्रमा के दर्शन पर निर्भर करती है। मुसलमान सामूहिक नमाज, दावतें और दान-पुण्य के साथ मनाते हैं।

जून 2026: मानसून की फुहार और त्याग का समय

  • जून की शुरुआत – सावन का महीना (हिंदू पंचांग के अनुसार): भगवान शिव की भक्ति के लिए समर्पित पवित्र महीना। भक्त मंदिरों में जल चढ़ाते हैं और सोमवार का व्रत रखते हैं। (सटीक तिथियां चंद्र कैलेंडर पर निर्भर करती हैं)।
  • **5 जून (शुक्रवार) – वWorld Environment Day: पूरे देश में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम।
  • **21 जून (रविवार) – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पहल पर दुनिया भर में मनाया जाता है। सामूहिक योग सत्र आयोजित किए जाते हैं।

जुलाई 2026: श्रद्धा और बलिदान का महीना

  • 6 जुलाई (सोमवार) – जगन्नाथ रथ यात्रा (पुरी, ओडिशा): भगवान जगन्नाथ (कृष्ण), उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विशाल रथ यात्रा। लाखों भक्त शामिल होते हैं।
  • 10 जुलाई (शुक्रवार) – बonalu (तेलंगाना): देवी महाकाली को समर्पित एक प्रमुख त्योहार, जिसे विशेष रूप से तेलंगाना में मनाया जाता है। रंगीन जुलूस और पारंपरिक नृत्य देखने लायक होते हैं।
  • 17 जुलाई (शुक्रवार) – बकरीद / ईद-उल-अज़हा (अनुमानित): बलिदान का त्योहार, जो पैगंबर इब्राहिम की ईश्वर के प्रति समर्पण की कहानी का स्मरण कराता है।
  • **21 जुलाई (मंगलवार) – गुरु पूर्णिमा: सभी आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं को श्रद्धांजलि देने का दिन। छात्र अपने शिक्षकों का सम्मान करते हैं।
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अगस्त 2026: राष्ट्रीय गौरव और भाईचारे का महीना

  • **9 अगस्त (रविवार) – नag पंचमी: सांपों (नाग देवता) की पूजा का दिन। लोग सांपों के काटने से बचाने की प्रार्थना करते हैं।
  • **15 अगस्त (शनिवार) – स्वतंत्रता दिवस: 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से भारत की आजादी का जश्न। प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं।
  • **17 अगस्त (सोमवार) – रaksha Bandhan: भाइयों और बहनों का प्यार भरा बंधन। बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं, भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं और उपहार देते हैं।
  • **26 अगस्त (बुधवार) – जन्माष्टमी: भगवान कृष्ण का जन्मदिन। भक्त व्रत रखते हैं, मंदिरों को सजाते हैं, और आधी रात को (जन्म के समय) विशेष पूजा करते हैं। मथुरा और वृंदावन में भव्य उत्सव।

सितंबर 2026: उत्सवों की वापसी और समृद्धि का आह्वान

  • **5 सितंबर (शनिवार) – टीachers’ Day (शिक्षक दिवस): भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर मनाया जाता है। छात्र अपने शिक्षकों को सम्मानित करते हैं।
  • 7 सितंबर (सोमवार) – गणेश चतुर्थी शुरू: दस दिवसीय उत्सव की शुरुआत, जिसमें भगवान गणेश की मूर्तियों को घर लाया और स्थापित किया जाता है। महाराष्ट्र में विशेष रूप से धूमधाम से मनाया जाता है।
  • **17 सितंबर (गुरुवार) – गणेश विसर्जन: उत्सव का समापन, जब गणेश जी की मूर्तियों को जुलूस के साथ निकालकर पानी में विसर्जित किया जाता है। ‘गणपति बप्पा मोरया!’ के जयकारे गूंजते हैं।
  • 23 सितंबर (बुधवार) – ओnam (केरल): केरल का सबसे बड़ा त्योहार, जो राजा महाबली की वापसी का प्रतीक है। सांस्कृतिक प्रदर्शन (कथकली, पुलिकली), सजावट (पुक्कलम), और शानदार दावतें (ओनम साद्या) इसकी विशेषता हैं।

अक्टूबर 2026: नवरात्रि, दुर्गा पूजा और दीयों की रोशनी

  • 2 अक्टूबर (शुक्रवार) – गांधी जयंती (राष्ट्रीय अवकाश): राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मदिन। प्रार्थना सभाएं और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
  • 2 अक्टूबर (शुक्रवार) – शरद नवरात्रि शुरू: वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण नवरात्रि। नौ रातों तक देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है।
  • **9 अक्टूबर (शुक्रवार) – महa अष्टमी / दुर्गा अष्टमी: दुर्गा पूजा का सबसे महत्वपूर्ण दिन। कन्या पूजन का विशेष महत्व है।
  • **10 अक्टूबर (शनिवार) – महa नवमी: नवरात्रि का नौवां दिन।
  • **11 अक्टूबर (रविवार) – विजयादशमी / दशहरा: बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक। रावण, मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतले जलाए जाते हैं। पश्चिम बंगाल में, यह दुर्गा पूजा के समापन और देवी की मूर्तियों के विसर्जन का दिन है।
  • **16 अक्टूबर (शुक्रवार) – करवा चौथ: उत्तर भारत में विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पतियों की लंबी उम्र और कल्याण के लिए रखा जाने वाला सख्त व्रत। शाम को चाँद को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत तोड़ा जाता है।
  • **20 अक्टूबर (मंगलवार) – धनतेरस: धन्वंतरी, चिकित्सा के देवता के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। सोना-चांदी या नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। दिवाली उत्सव की शुरुआत।
  • **21 अक्टूबर (बुधवार) – नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली: इस दिन भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था। लोग सुबह जल्दी तेल से स्नान करते हैं।
  • **22 अक्टूबर (गुरुवार) – दीपावली (दिवाली): रोशनी का त्योहार, कैलेंडर का सबसे बड़ा दिन। भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में पूरा देश दीयों, मोमबत्तियों और रोशनी से जगमगा उठता है। लक्ष्मी पूजन की जाती है, पटाखे फोड़े जाते हैं और मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं।
  • **23 अक्टूबर (शुक्रवार) – गोवर्धन पूजा / Annakut: इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्र के क्रोध से गोकुलवासियों की रक्षा करने के लिए गोवर्धन पर्वत को उठाया था। भोग के रूप में अन्नकूट (भोजन का पहाड़) चढ़ाया जाता है।
  • **24 अक्टूबर (शनिवार) – भai Dooj: रक्षा बंधन की तरह भाई-बहन का त्योहार। बहनें अपने भाई की लंबी उम्र की कामना के लिए तिलक लगाती हैं।
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नवंबर 2026: आस्था, ज्ञान और प्रकाश का महीना

  • **1 नवंबर (रविवार) – दीपावली (दक्षिण भारत में, कुछ कैलेंडरों के अनुसार): क्षेत्रीय भिन्नताएँ हो सकती हैं।
  • 7 नवंबर (शनिवार) – छठ पूजा (मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी UP): सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित कठोर और शुद्ध अनुष्ठानों वाला चार दिवसीय त्योहार। डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
  • 14 नवंबर (शनिवार) – बाल दिवस (Children’s Day): भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन, जो बच्चों से बेहद प्यार करते थे।
  • **23 नवंबर (सोमवार) – गुरु नानक जयंती: सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व। गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और लंगर का आयोजन।

दिसंबर 2026: वर्ष का अंत और उत्सव की समाप्ति

  • **25 दिसंबर (शुक्रवार) – क्रिसमस: ईसा मसीह के जन्मदिन का उत्सव। चर्च सजे होते हैं, कैरोल गाए जाते हैं और केक काटे जाते हैं। सांता क्लॉज बच्चों में उपहार बांटते हैं।
  • **31 दिसंबर (गुरुवार) – नव वर्ष की पूर्वसंध्या: बड़े शहरों में पार्टियों, डिनर और सामूहिक उत्सव के साथ मनाया जाता है।

त्योहारों का सार: भारत की आत्मा को समझना

भारतीय त्योहार सिर्फ रीति-रिवाज नहीं हैं; वे जीवन का एक तरीका हैं। वे हमें सिखाते हैं:

  • एकता में अनेकता: विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के त्योहार पूरे देश में पारस्परिक सम्मान के साथ मनाए जाते हैं।
  • प्रकृति से जुड़ाव: अधिकांश त्योहार मौसम के बदलाव, फसल के चक्र और खगोलीय घटनाओं से जुड़े हुए हैं।
  • पारिवारिक बंधन: त्योहार परिवारों और समुदायों को एक साथ लाने, रिश्तों को मजबूत करने का एक साधन हैं।
  • आशा और नवीनीकरण: हर त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत, अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का संदेश देता है।

2026 में भारत की यात्रा की योजना बनाने के लिए युक्तियाँ

  1. पहले से बुक करें: प्रमुख त्योहारों (जैसे दिवाली, दशहरा, क्रिसमस) के दौरान होटल और ट्रेन की टिकटें महीनों पहले ही बुक हो जाती हैं।
  2. भीड़ के लिए तैयार रहें: त्योहार के मौसम में भीड़ बहुत ज्यादा होती है। धैर्य रखें और अपने सामान का ख्याल रखें।
  3. स्थानीय रीति-रिवाजों का सम्मान करें: मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर जाने से पहले ड्रेस कोड और नियमों की जांच कर लें।
  4. स्थानीय भोजन का आनंद लें: हर त्योहार की अपनी विशेष मिठाइयाँ और व्यंजन होते हैं। उन्हें आजमाना न भूलें।
  5. लचीला बनें: कुछ तिथियाँ चंद्रमा के दर्शन पर निर्भर कर सकती हैं और अंतिम समय में बदल सकती हैं।

निष्कर्ष:

2026 का भारतीय त्योहार कैलेंडर जीवन, विश्वास और उत्सव का एक जीवंत चित्र प्रस्तुत करता है। यह एक ऐसी यात्रा है जो आपको भारत की हृदय की धड़कन से जोड़ देगी, चाहे आप आध्यात्मिकता की तलाश में हों, सांस्कृतिक समृद्धि में डूबना चाहते हों, या बस अविस्मरणीय अनुभवों की तलाश में हों। इस कैलेंडर को अपना मार्गदर्शक बनाएं, और भारत के दिव्य उत्सवों के इस अद्भुत टेपेस्ट्री में खुद को खोने के लिए तैयार हो जाएं।

**शुभकामनाएं! आपकी 2026 की उत्सव यात्रा मंगलम

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